Homeउत्तर प्रदेशमोहनलालगंज CHC में फार्मासिस्ट ने खुद को बताया डॉक्टर, शिकायत के बाद...

मोहनलालगंज CHC में फार्मासिस्ट ने खुद को बताया डॉक्टर, शिकायत के बाद वेतन कटा

लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पेट दर्द, उल्टी और दस्त से पीड़ित एक बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लाए परिजनों ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में तैनात एक फार्मासिस्ट ने खुद को डॉक्टर बताकर उसका इलाज शुरू कर दिया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपी फार्मासिस्ट का एक महीने का वेतन काटने और उसके स्थानांतरण की संस्तुति करने का निर्णय लिया है।

सुबह पांच बजे अस्पताल पहुंचे परिजन

कस्बा निवासी नीतिका के अनुसार शनिवार सुबह करीब पांच बजे उनकी बेटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्ची को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत थी। इसके बाद वह अपने पति के साथ उसे लेकर मोहनलालगंज सीएचसी पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें डॉक्टर नहीं मिले और डॉक्टर कक्ष में मौजूद कर्मचारी चादर ओढ़कर सो रहे थे।

परिजनों ने काफी प्रयास के बाद कर्मचारियों को जगाया और डॉक्टर को बुलाने की मांग की। इस दौरान अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था और मरीजों की देखभाल के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था।

‘मैं ही डॉक्टर हूं’ कहकर शुरू कर दिया इलाज

आरोप है कि कर्मचारियों के बुलाने पर एक व्यक्ति मौके पर पहुंचा और बच्ची को देखने के बाद दवा देने तथा इंजेक्शन लगाने की तैयारी करने लगा। जब परिजनों ने डॉक्टर के बारे में पूछा तो उसने खुद को डॉक्टर बताते हुए कहा, “मैं ही डॉक्टर हूं, इलाज कराना है तो कराओ, नहीं तो डिग्री देख लो।”

इस व्यवहार से परिजनों को शक हुआ और उन्होंने तत्काल सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। अधीक्षक ने बताया कि संबंधित व्यक्ति डॉक्टर नहीं बल्कि फार्मासिस्ट विवेक है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

डॉक्टर पहुंचे, लेकिन परिजन बच्ची को निजी अस्पताल ले गए

मामले की जानकारी मिलने के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौके पर पहुंचे और बच्ची का परीक्षण किया। डॉक्टर ने फार्मासिस्ट को इंजेक्शन लगाने के निर्देश भी दिए, लेकिन पूरे घटनाक्रम से डरे और नाराज परिजन बच्ची को लेकर वहां से चले गए। बाद में उन्होंने एक निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

घटना का वीडियो और शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मामले की जांच के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर ने फार्मासिस्ट विवेक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की।

अधीक्षक ने बताया कि फार्मासिस्ट के अभद्र व्यवहार, अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए उसका एक महीने का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उसके स्थानांतरण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) लखनऊ को पत्र भेजा गया है।

स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की तैयारी

पीड़ित परिवार ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की अनुपलब्धता पर नाराजगी जताई है। परिजनों का कहना है कि वे पूरे मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री से करेंगे ताकि भविष्य में मरीजों को ऐसी लापरवाही और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular