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फतेहपुर सीकरी के ऐतिहासिक हमाम का होगा संरक्षण, 30 लाख रुपये खर्च करेगा ASI

मुगल सम्राट अकबर की राजधानी रहे फतेहपुर सीकरी में स्थित ऐतिहासिक हमाम (रुइंड बाथ) के संरक्षण की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हिरन मीनार के पास स्थित इस प्राचीन संरचना को बचाने के लिए करीब 30 लाख रुपये की योजना तैयार कर दिल्ली मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है।

दशकों की उपेक्षा के चलते यह ऐतिहासिक हमाम धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। इसके गुंबद और मेहराब काफी हद तक नष्ट हो चुके हैं, जबकि कई हिस्सों में केवल दीवारों के अवशेष ही बचे हैं।

मलबा हटाकर संरचना को बचाया जाएगा

ASI के आगरा सर्किल द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार, संरक्षण कार्य के तहत हमाम परिसर से मलबा हटाया जाएगा और कमजोर हो चुके ढांचे को संरक्षित किया जाएगा। दीवारों की मरम्मत, प्वाइंटिंग और मूल संरचना को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कार्य किए जाएंगे।

अधीक्षण पुरातत्वविद् Dr. Smitha S. Kumar ने बताया कि प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए दिल्ली भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही संरक्षण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

यात्रियों और व्यापारियों के उपयोग में आता था हमाम

स्थानीय इतिहासकारों और पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, हिरन मीनार के निकट स्थित कारवां सराय में मुगल काल में दूर-दराज से आने वाले व्यापारी और यात्री ठहरते थे। माना जाता है कि यह हमाम उन्हीं के उपयोग के लिए बनाया गया था।

स्टीम बाथ की उन्नत व्यवस्था थी मौजूद

फतेहपुर सीकरी को अकबर ने वर्ष 1569 में अपनी राजधानी बनाया था। यहां विकसित शाही ढांचे अपने समय की उन्नत वास्तुकला और तकनीक का उदाहरण माने जाते हैं।

वर्ष 2022 में ASI ने महल परिसर के बाहर स्थित एक अन्य हमाम के संरक्षण के दौरान महत्वपूर्ण अवशेष खोजे थे। वहां भूमिगत भट्ठी, गर्म पानी पहुंचाने वाली नालियां और भाप स्नान (स्टीम बाथ) की व्यवस्था के प्रमाण मिले थे।

विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य कक्ष के नीचे बनी भट्ठी में पानी गर्म किया जाता था और भूमिगत नालियों के माध्यम से भाप पूरे हमाम में पहुंचाई जाती थी। छत पर मौजूद चूने के प्लास्टर और जलवाष्प के निशानों से भी स्टीम बाथ प्रणाली की पुष्टि हुई थी।

ऐतिहासिक धरोहर को मिलेगा नया जीवन

संरक्षण कार्य पूरा होने के बाद यह ऐतिहासिक हमाम न केवल संरक्षित रहेगा बल्कि फतेहपुर सीकरी आने वाले पर्यटकों को मुगलकालीन स्नान व्यवस्था और वास्तुकला की अनूठी झलक भी दिखा सकेगा।

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