लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित ‘मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह’ में यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई के राज्य स्तरीय टॉपर्स को सम्मानित किया। समारोह में कुल 223 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए। इसके साथ ही 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची में छात्राओं की संख्या अधिक होना इस बात का प्रमाण है कि वे घर की जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने छात्रों से छात्राओं से प्रेरणा लेने की अपील की।
सीएम योगी ने बताया कि इस वर्ष राज्य स्तरीय टॉप-10 में शामिल 223 विद्यार्थियों में 85 छात्र और 138 छात्राएं हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल की मेरिट सूची में 115 विद्यार्थियों में 81 छात्राएं और 34 छात्र शामिल हैं, जबकि इंटरमीडिएट में 14 छात्राएं और 9 छात्र स्थान बनाने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि छात्राएं अधिक मेहनत करती हैं और परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए भी बेहतर अंक प्राप्त कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “लगता है अब लड़के झाड़ू-पोंछा ज्यादा लगाने लगे हैं और मोहल्ले के कामों में भी व्यस्त रहते हैं।” उन्होंने कहा कि छात्रों को छात्राओं की मेहनत, अनुशासन और समय प्रबंधन से सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नौ वर्ष पहले प्रदेश में नकल के सहारे परीक्षाएं होती थीं और मेरिट का सही आकलन नहीं हो पाता था। वर्तमान सरकार ने नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की है। अब परीक्षाएं विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र ऐसे होने चाहिए जो विद्यार्थियों को हतोत्साहित करने के बजाय उनकी क्षमता को निखारने का अवसर दें।
इससे पहले माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी सफलता का उत्सव है, लेकिन जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं। उन्होंने छात्रों से अपने लक्ष्य तय कर उसी दिशा में निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।
गुलाब देवी ने अभिभावकों से बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल के बाद बच्चों को समझने और उनका मार्गदर्शन करने की अधिक आवश्यकता होती है। साथ ही मोबाइल के सकारात्मक उपयोग पर ध्यान देने की भी जरूरत है।
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक अपने व्यवहार और व्यक्तित्व से विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करें। मंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई हैं, जो शिक्षा विभाग की बड़ी उपलब्धि है।
