वृंदावन (ब्रज क्षेत्र)। इन दिनों चल रही पवित्र 84 कोस परिक्रमा के दौरान सेवा, समर्पण और पारिवारिक संस्कारों की एक अनोखी और भावुक कर देने वाली मिसाल सामने आई है, जिसने श्रद्धालुओं के दिलों को छू लिया।
एक बहू ने अपनी बुजुर्ग सास की वर्षों पुरानी धार्मिक इच्छा को पूरा करने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण सास के लिए 84 कोस परिक्रमा पैदल करना संभव नहीं था, लेकिन उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए बहू ने उन्हें एक टब में बैठाया और स्वयं सिर पर उठाकर पूरी परिक्रमा कराई।
आस्था और सेवा का अनोखा संगम
ब्रज क्षेत्र की 84 कोस परिक्रमा को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु भगवान कृष्ण से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन और परिक्रमा के लिए यहां पहुंचते हैं।
इस दौरान इस बहू का त्याग और समर्पण देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए और उन्होंने इस भावपूर्ण दृश्य की जमकर सराहना की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग बहू के संस्कार, सेवा भाव और पारिवारिक समर्पण की खुले दिल से तारीफ कर रहे हैं। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
