उत्तर प्रदेश सरकार की निःशुल्क IAS/PCS कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने वाली इस योजना के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आवेदन कर रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य ऐसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। निजी संस्थानों में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर होने वाला भारी खर्च अक्सर प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बाधा बन जाता है। ऐसे में सरकार की यह पहल उन्हें बेहतर अवसर प्रदान कर रही है।
विभाग के अनुसार, प्रदेशभर में कुल 865 सीटों पर अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें 25 प्रतिशत सीटें उन उम्मीदवारों के लिए निर्धारित हैं, जिन्होंने लेटरल एंट्री के तहत प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून तक 5,513 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 2,848 उम्मीदवारों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर अंतिम रूप से आवेदन जमा कर दिया है।
इच्छुक अभ्यर्थी 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं। चयन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 5 जुलाई को किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग चयन प्रक्रिया और कोचिंग संचालन की तैयारियों में जुटा हुआ है।
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री तथा विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के प्रशासनिक सेवा में जाने के सपने को सीमित नहीं कर सकती। इसी सोच के साथ यह योजना युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।
