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LU में छात्रों का धरना दूसरे दिन भी जारी, निष्कासन वापस न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ विश्वविद्यालय में तीन छात्रों के निष्कासन के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी है।कैंपस में सरस्वती प्रतिमा के सामने मंगलवार से छात्रों ने धरना शुरू किया।

रातभर छात्र धरना स्थल पर ही मौजूद रहे। खुले में रात गुजारने के बाद सुबह तड़के छात्रों का धरना स्थल पर झाड़ू लगाने का वीडियो भी सामने आया।

इस बीच बुधवार सुबह छात्रों ने मिलने पूर्व छात्र नेता राम सिंह राणा पहुंचे। उन्होंने छात्रों को पूरा समर्थन देने की बात कही। वहीं, दोपहर बाद समाजवादी छात्रसभा के अध्यक्ष विनीत कुशवाहा भी जाएंगे। LU कैंपस में गेट नंबर एक पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे इन छात्रों कहना है कि निष्कासन का फैसला वापस नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। निष्कासन वापस

वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण के दौरान विरोध प्रदर्शन करने पर एक छात्र को निलंबित किया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने फैसले का विरोध करते हुए इसे छात्र विरोधी बताया था। इसी के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने परिसर में धरना दिया और कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई।

लखनऊ विश्वविद्यालय में तीन छात्रों के निष्कासन के विरोध में छात्रों का धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय परिसर में सरस्वती प्रतिमा के सामने मंगलवार से शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। छात्र पूरी रात धरना स्थल पर डटे रहे। बुधवार सुबह धरना स्थल की सफाई करते छात्रों का वीडियो भी सामने आया, जिसमें छात्र झाड़ू लगाते नजर आए।

धरनारत छात्रों से मिलने बुधवार सुबह पूर्व छात्र नेता राम सिंह राणा पहुंचे और उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। वहीं, दोपहर बाद समाजवादी छात्रसभा के अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के भी धरना स्थल पहुंचने की संभावना है।

गेट नंबर-1 पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि यदि निष्कासन का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने निष्कासन वापस लेने सहित पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।

सोमवार को हुई थी कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को छह छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की थी। आरोप है कि तीन छात्र नेताओं ने कुलपति की कार को रोका था, जिसके चलते उन्हें निष्कासित कर दिया गया। इसके अलावा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के निरीक्षण के दौरान विरोध प्रदर्शन करने पर एक छात्र को निलंबित किया गया था।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने इसे छात्र विरोधी कदम बताते हुए विरोध जताया। इसी के विरोध में मंगलवार से छात्रों ने धरना शुरू किया और कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई है।

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