लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के Raebareli में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा तैयार किया गया आर्थिक ढांचा टिकाऊ नहीं है और इसके ढहने का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में पांच दिनों के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत एक अभूतपूर्व “आर्थिक तूफान” के कगार पर खड़ा है और आने वाला समय देश के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
‘अदानी-अंबानी वाला मॉडल नहीं टिकेगा’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक व्यवस्था कुछ बड़े उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने जो इकॉनमी का स्ट्रक्चर बदला है, अब आर्थिक तूफान आ रहा है। उन्होंने जो स्ट्रक्चर बनाया है, अदानी-अंबानी वाला, वह अब खड़ा नहीं रहेगा, पूरा का पूरा टूटेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि जब यह ढांचा टूटेगा तो इसका असर बड़े उद्योगपतियों पर नहीं, बल्कि आम नागरिकों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, देश के युवा, किसान, मजदूर और छोटे कारोबारी सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
‘बहुत कठिन समय आने वाला है’
कांग्रेस नेता ने कहा कि आने वाला आर्थिक झटका देश के आम लोगों को प्रभावित करेगा। राहुल गांधी के अनुसार, “जो आर्थिक शॉक आ रहा है, वह अदानी-अंबानी को नहीं लगेगा, मोदी जी को नहीं लगेगा। यह उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को लगेगा।”
उन्होंने दावा किया कि देश ऐसे आर्थिक दौर में प्रवेश कर सकता है, जैसा पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला। राहुल गांधी ने कहा कि आने वाला समय बेहद कठिन हो सकता है और इसके लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार होंगी।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से राहुल गांधी के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
