Homeउत्तर प्रदेशपीएम मोदी: प्रकृति के साथ संतुलन ही भारतीय संस्कृति का मूल आधार

पीएम मोदी: प्रकृति के साथ संतुलन ही भारतीय संस्कृति का मूल आधार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करना, पर्यावरण का संरक्षण करना और सभी जीवों के कल्याण को सुनिश्चित करना भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है। उन्होंने कहा कि इसी व्यापक दृष्टिकोण के साथ भारत आज विकास और समृद्धि के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रहा है।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए भारतीय परंपरा में प्रकृति और मानव के संबंधों को रेखांकित किया।

यावच्चतस्रः प्रदिशश्चक्षुर्यावत् समश्नुते।
तावत् समैत्विन्द्रियं मयि तद्धस्तिवर्चसम्॥”

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस सुभाषित का संदेश है कि मनुष्य की शक्ति, समृद्धि और दृष्टि चारों दिशाओं की व्यापकता के समान विस्तृत होनी चाहिए। साथ ही, उसे प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य स्थापित करते हुए आगे बढ़ना चाहिए और सभी जीवों के कल्याण का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और सभी प्राणियों के सतत कल्याण की भावना से भी जुड़ी हुई है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाए रखना ही भारत की सांस्कृतिक विरासत और विकास दृष्टि का महत्वपूर्ण आधार है।

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