रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी
नई दिल्ली। भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो ने 6 से 8 जून तक भारत का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और नई दिल्ली में आयोजित 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) की सह-अध्यक्षता की।
करीब चार वर्षों बाद आयोजित इस बैठक में दोनों देशों ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने तथा क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान राजनीतिक, रक्षा, व्यापार एवं निवेश, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई हालिया वार्ताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की है।
सामरिक दृष्टि से भी यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की संभावित खरीद को लेकर बातचीत जारी है। इस दौरान विदेश मंत्री सुगिओनो ने यह भी पुष्टि की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2026 में जकार्ता की यात्रा करेंगे।
औपचारिक बैठकों के बीच दोनों नेताओं की दोस्ताना केमिस्ट्री भी देखने को मिली। सुगिओनो ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं हमेशा भारत आने का कोई न कोई बहाना ढूंढ़ता रहता हूं।” उनकी इस टिप्पणी ने बैठक का माहौल हल्का कर दिया और सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गई।
इंडोनेशिया भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक अहम साझेदार है। दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित यह रणनीतिक साझेदारी लगातार नए आयाम हासिल कर रही है।
