राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इस 105 वर्ष पुराने शिक्षण संस्थान को नए भवन के निर्माण के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जबकि सरकारी अलंकार योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि निर्माण लागत के मुकाबले बेहद कम है।
इंजीनियरों द्वारा तैयार किए गए एस्टीमेट के अनुसार कॉलेज के नए भवन के निर्माण में लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि छात्र संख्या के आधार पर कॉलेज को अलंकार योजना के तहत मात्र 25 लाख रुपये तक की सहायता मिलने की संभावना है, जिससे निर्माण कार्य पूरा होना संभव नहीं माना जा रहा।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार अलंकार योजना में 300 से 500 विद्यार्थियों वाले संस्थानों को 25 लाख रुपये, 501 से 1000 विद्यार्थियों पर 50 लाख रुपये, 1001 से 1500 विद्यार्थियों पर 75 लाख रुपये, 1501 से 2000 विद्यार्थियों पर एक करोड़ रुपये तथा 2001 से अधिक विद्यार्थियों पर सवा करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान है।
इधर, कॉलेज भवन की जर्जर स्थिति को लेकर प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। 20 मई को कोर्ट के आदेश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की ओर से कॉलेज परिसर में नोटिस चस्पा कर भवन को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कॉलेज प्रबंधन की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
कॉलेज के मैनेजर पवन वर्मा का कहना है कि भवन निर्माण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीएसआर फंड प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है, साथ ही सांसद और विधायक निधि से भी सहयोग लेने के लिए संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में 16 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई होनी है, जहां भवन निर्माण और संस्थान के भविष्य से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है। वर्ष 1921 में स्थापित इस संस्थान को लेकर प्रबंधन का दावा है कि यहां स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलनों की रणनीति बनाया करते थे। वर्ष 1930 में Mahatma Gandhi ने भी कॉलेज को अपनी चांदी की थाली दान की थी। संस्थान के संस्थापक Krishna Verma स्वतंत्रता सेनानी थे और उनकी प्रतिमा आज भी कॉलेज परिसर में स्थापित है।
प्रबंधन का कहना है कि बजट की कमी के बावजूद इस ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान को बंद नहीं होने दिया जाएगा और इसके संरक्षण के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।
