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बीएचयू को चार साल बाद मिला स्थायी कुलसचिव, राजन श्रीवास्तव ने संभाला कार्यभार; प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी नई गति

वाराणसी स्थित Banaras Hindu University (बीएचयू) में चार वर्षों से लंबित प्रशासनिक नियुक्तियों का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय को स्थायी कुलसचिव (रजिस्ट्रार) और परीक्षा नियंत्रक मिल गए हैं। नियुक्ति के 15 दिन बाद मंगलवार को राजन श्रीवास्तव ने बीएचयू के कुलसचिव पद का कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान पूर्व कुलसचिव Prof. Arun Singh ने उन्हें औपचारिक रूप से पदभार सौंपा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, बीएचयू में कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पद पिछले चार वर्षों से अस्थायी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहे थे। लंबे समय से इन पदों पर स्थायी नियुक्ति की मांग उठ रही थी, क्योंकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी कार्यों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा था। अब स्थायी नियुक्तियां होने से प्रशासनिक निर्णयों और परीक्षा प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता एवं गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

राजन श्रीवास्तव का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक माना जाता है। वह इससे पहले Indian Institute of Technology (BHU) में संयुक्त कुलसचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने आईआईटी-बीएचयू में कार्यवाहक कुलसचिव की जिम्मेदारी भी संभाली है। उच्च शिक्षा संस्थानों में उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें बीएचयू की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष राजन श्रीवास्तव को अमेठी स्थित Rajiv Gandhi Institute of Petroleum Technology (आरजीआईपीटी) में कुलसचिव पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि अब उन्होंने बीएचयू में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, जिसे देश के सबसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में गिना जाता है।

विश्वविद्यालय में स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया करीब दो महीने तक चली। चयन प्रक्रिया के तहत कुलसचिव पद के लिए 18 और परीक्षा नियंत्रक पद के लिए 16 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। स्क्रीनिंग और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया।

करीब 15 दिन पहले कुलपति आवास के सामने स्थित होल्कर भवन में सुबह 9 बजे से साक्षात्कार आयोजित किए गए थे। विशेषज्ञ समिति और विश्वविद्यालय प्रशासन की मौजूदगी में उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्तियों की घोषणा करते हुए राजन श्रीवास्तव को कुलसचिव और डॉ. अवधेश कुमार को परीक्षा नियंत्रक नियुक्त करने का आदेश जारी किया।

डॉ. अवधेश कुमार बने परीक्षा नियंत्रक

बीएचयू के संयुक्त कुलसचिव रहे Dr. Avadhesh Kumar को विश्वविद्यालय का नया परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। परीक्षा नियंत्रक का पद विश्वविद्यालय में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि परीक्षाओं के संचालन, परिणाम घोषित करने और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुपालन की जिम्मेदारी इसी कार्यालय पर होती है।

विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों का मानना है कि स्थायी परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति से परीक्षा प्रणाली अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध होगी। इससे छात्रों को भी राहत मिलेगी और परीक्षा परिणामों में देरी जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा।

प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम

बीएचयू देश का एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जहां हजारों छात्र-छात्राएं विभिन्न संकायों में अध्ययन करते हैं। ऐसे में कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे पदों का लंबे समय तक रिक्त या अस्थायी व्यवस्था में रहना प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों पदों पर स्थायी नियुक्तियां विश्वविद्यालय प्रशासन को मजबूती देंगी और शैक्षणिक गतिविधियों के बेहतर संचालन में मददगार साबित होंगी। आने वाले समय में विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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