अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मेरठ में विरोध प्रदर्शन करते हुए कमिश्नरी चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आम आदमी पार्टी नेताओं ने कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आप कार्यकर्ताओं का कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप गंभीर हैं और इनकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है, जिससे लोगों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। Akhilesh Yadav ने भी राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के लिए शर्मनाक बताया।
गौरतलब है कि यह विवाद उस समय चर्चा में आया जब खुद को राम मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए। उनके बयानों के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि, आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक जांच और तथ्यात्मक स्थिति का इंतजार किया जा रहा है। मामला अब राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है।
