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बरेली: DIG अजय साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक, साहसिक ऑपरेशन के लिए मिला सम्मान

रिपोर्ट- अचल प्रताप सिंह, बरेली

बरेली। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रभावी पुलिसिंग के लिए पहचान बनाने वाले बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मेरठ में एसएसपी रहते हुए डेढ़ लाख रुपये के इनामी बदमाश चांद उर्फ काले के खिलाफ चलाए गए साहसिक ऑपरेशन के लिए मिला है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कृष्ण ने उन्हें यह पदक प्रदान किया।

यह मामला वर्ष 2020 का है, जब अजय साहनी मेरठ के एसएसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 25 और 26 जनवरी की दरम्यानी रात पुलिस को अंतरजनपदीय लुटेरे चांद उर्फ काले के इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर अजय साहनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक, आमना-सामना होने के बाद मुठभेड़ हुई, जिसमें चांद उर्फ काले मारा गया। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार और लूट का सामान बरामद करने का दावा किया था।

करीब तीन दर्जन मुकदमों में आरोपी था चांद

परीक्षितगढ़ की अंबेडकर कॉलोनी निवासी चांद उर्फ काले का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे। वह गिरोह बनाकर अलग-अलग जिलों में लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

उसकी गिरफ्तारी पर मेरठ जोन की ओर से एक लाख रुपये और सहारनपुर रेंज की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह उस पर कुल डेढ़ लाख रुपये का इनाम था।

बैंक से लेकर पेट्रोल पंप तक लूट के आरोप

पुलिस के मुताबिक चांद उर्फ काले का नाम मुजफ्फरनगर के मीरापुर में बैंक लूट, नई मंडी क्षेत्र में व्यापारी से लूट और जानसठ में ज्वैलरी शॉप में हुई वारदात में सामने आया था। मेरठ के हस्तिनापुर में पेट्रोल पंप, फलावदा में किराना व्यापारी और भवाना क्षेत्र में डॉक्टर से लूट समेत कई मामलों में भी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

इसके अलावा परीक्षितगढ़ और टीपी नगर क्षेत्र में हुई आपराधिक घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था।

साहसिक कार्रवाई के लिए मिला सम्मान

मेरठ में हुए इस ऑपरेशन को अजय साहनी के पुलिस कॅरियर की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में माना जाता है। तत्कालीन एसएसपी के तौर पर ऑपरेशन का नेतृत्व करने और कार्रवाई के दौरान साहस दिखाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए चुना गया था।

तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने के साथ ही डीआईजी अजय कुमार साहनी के पुलिस सेवा कॅरियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।

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