उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ईको गार्डन में आयोजित किया गया, जहां विभिन्न छात्र संगठनों, कोचिंग शिक्षकों और अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे। हालांकि, उनके कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी छात्रों के आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि इस आंदोलन की योजना पहले से छात्रों और शिक्षकों द्वारा बनाई गई थी।
छात्रों ने लगाया आंदोलन का श्रेय लेने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन का निर्णय पहले ही प्रयागराज में लिया जा चुका था। छात्रों के अनुसार, 29 मई को हुए आंदोलन के दौरान 12 जून को लखनऊ में प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी।
छात्रों का कहना है कि यह पूरी तरह छात्रों और शिक्षकों का आंदोलन है और इसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उनका आरोप है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने बिना किसी समन्वय के इस आंदोलन से खुद को जोड़ने की कोशिश की।
‘महज 28 मिनट रुके अभिजीत दीपके’
प्रदर्शन में मौजूद कुछ छात्र संगठनों ने दावा किया कि अभिजीत दीपके आंदोलन स्थल पर केवल 28 मिनट तक ही मौजूद रहे। इसके बाद वे अपनी गाड़ी से वहां से रवाना हो गए।
दीपके ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि जहां भी छात्रों का आंदोलन होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की और छात्रों के मुद्दों पर साथ खड़े रहने की बात कही।
हालांकि, छात्रों के एक वर्ग ने उनके रवैये पर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि वे आंदोलन में केवल प्रतीकात्मक रूप से शामिल हुए।
शिक्षकों ने भी जताई आपत्ति
प्रदर्शन में शामिल कई कोचिंग शिक्षकों ने भी स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह छात्रों और शिक्षकों की पहल है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक शिक्षक कहते दिखाई दे रहे हैं कि इस आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
एक अन्य शिक्षक ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले लंबे समय तक धरने पर नहीं टिक पाए, वे भीषण गर्मी में छात्रों के साथ कितनी देर खड़े रहेंगे, यह सभी ने देख लिया।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में शामिल छात्रों और कोचिंग संचालकों ने राज्य सरकार से कई मांगें रखीं। इनमें लेखपाल भर्ती परीक्षा दोबारा कराने, यूपी सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का स्कोर कार्ड जारी करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
छात्र नेता विवेक ने कहा कि आंदोलन की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी और उनकी अभिजीत दीपके या उनकी पार्टी से कोई बातचीत नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए ही उन्हें दीपके के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी मिली।
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने निर्धारित समय पूरा होने पर ईको गार्डन परिसर खाली
