Homeउत्तर प्रदेशशिक्षा और तकनीक से संवर रहा अनाथ बच्चों का भविष्य, मुख्यमंत्री बाल...

शिक्षा और तकनीक से संवर रहा अनाथ बच्चों का भविष्य, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना बनी सहारा

कोविड महामारी में माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार सहारा बनकर खड़ी है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के तहत अनाथ और बेसहारा बच्चों को आर्थिक मदद के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

महिला कल्याण विभाग के अनुसार, सरकार अब तक 8085 बच्चों को लैपटॉप वितरित कर चुकी है। इस पहल से बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और तकनीकी ज्ञान हासिल कर रहे हैं। डिजिटल शिक्षा से जुड़कर उनके लिए नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।

योजना के तहत 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा पात्र बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रतिमाह 14 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

सरकार का मानना है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए। इसी उद्देश्य से शिक्षा, आर्थिक सहयोग और डिजिटल संसाधनों को एक साथ जोड़कर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

लैपटॉप वितरण और आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं के माध्यम से बच्चों को प्रतिस्पर्धी माहौल से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो रहे हैं।

महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमती ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि महामारी से प्रभावित कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को योजना के पात्र बच्चों तक समय पर लाभ पहुंचाने और उनके समग्र विकास की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular