लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आजाद समाज पार्टी (ASP) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। लखनऊ में आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम के तहत संभावित प्रत्याशियों का साक्षात्कार लिया जा रहा है, जिसमें खुद चंद्रशेखर आजाद उम्मीदवारों से सवाल-जवाब कर रहे हैं।
पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव किसी बड़े राजनीतिक दल के साथ गठबंधन किए बिना अपने दम पर लड़ेगी। इसी रणनीति के तहत सभी विधानसभा सीटों पर मजबूत उम्मीदवारों की तलाश शुरू कर दी गई है।
शनिवार को शुरू हुई प्रक्रिया के पहले दिन सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के दावेदारों का इंटरव्यू लिया गया।
इस दौरान उम्मीदवारों से उनके क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती, जातीय और सामाजिक समीकरणों के साथ अन्य दलों की स्थिति को लेकर सवाल पूछे गए।
पार्टी र्ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 14 जून को बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल, 15 जून को लखनऊ, अयोध्या और देवीपाटन मंडल तथा 16 जून को वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के संभावित उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा।
इस दौरान जोन प्रभारी, मंडल प्रभारी, भाईचारा कमेटी के प्रभारी और जिला अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। सभी पदाधिकारियों को उम्मीदवारों के संबंध में लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
लोकसभा चुनाव 2024 में नगीना सीट से मिली बड़ी जीत के बाद चंद्रशेखर आजाद प्रदेश में खुद को एक मजबूत वैकल्पिक दलित नेतृत्व के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी की रणनीति दलितों के साथ अन्य वर्गों को भी जोड़ने की है।
आजाद समाज पार्टी ने आगामी चुनाव में शिक्षा, रोजगार, शराबबंदी और न्यूनतम मजदूरी 750 रुपये प्रतिदिन करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि यदि प्रदेश में उसकी सरकार बनती है तो रोजगार सृजन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
साथ ही संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता से सीधे संवाद बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
