मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एचबीटीयू परिसर स्थित संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा करते हुए कानपुर मंडल के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा की।
बैठक में कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया और फर्रुखाबाद जनपदों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्ताव प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर मंडल से लगभग 11,724 करोड़ रुपये लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक और विकास संबंधी आवश्यकताओं की बेहतर समझ होती है, इसलिए उनके सुझावों और प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां समय पर दी जा सकें और परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो सके।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए और सभी कार्य समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएं। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि सड़क क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति वसूली सुनिश्चित की जाए तथा सड़क गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, सेतु निर्माण, आरओबी/आरयूबी, फ्लाईओवर, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्ग और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा तय वरीयता के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ है, उन मामलों में संबंधित फर्मों पर सख्त कार्रवाई की जाए, आवश्यकता पड़ने पर ब्लैकलिस्टिंग और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।
बैठक में बताया गया कि गत वर्ष कानपुर मंडल में 5,497 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य जारी है।
इस बैठक में योगी सरकार के कई मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहे और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
