लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) मुख्यालय के बाहर शुक्रवार को कई जिलों से आए 50 से अधिक लाइब्रेरी साइंस अभ्यर्थियों ने लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। युवा आयोग सचिव से मिलने की मांग पर अड़े रहे।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से लाइब्रेरियन की कोई भर्ती नहीं आई है, जिसके कारण हजारों प्रशिक्षित युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि योग्य डिग्रीधारक बेरोजगार हैं, जबकि कई स्थानों पर बिना योग्यताओं के लोग पुस्तकालयों का संचालन कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने मांग की कि PET-2025 के आधार पर जल्द नई वैकेंसी जारी की जाए, ताकि लाइब्रेरी साइंस के छात्रों को रोजगार मिल सके और इस कोर्स के प्रति युवाओं का भरोसा बना रहे।
झांसी, दिल्ली, महाराजगंज समेत विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि कई बार आवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद आयोग की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि कभी अधियाचन की बात कही जाती है और कभी टाल दिया जाता है।

युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम-2006 का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है, जिसके कारण पुस्तकालय व्यवस्था कमजोर हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राजकीय जिला पुस्तकालयों और विद्यालयों में रिक्त पदों पर प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए तथा पुस्तकालयों को डिजिटल और आधुनिक संसाधनों से जोड़ा जाए।
आयोग के बाहर काफी देर तक नारेबाजी और विरोध के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपने की बात कही। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
