लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह का नया रिकॉर्ड बनाया है।
जून 2026 में विभाग ने 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष जून के मुकाबले 16.05 प्रतिशत अधिक है। साथ ही अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाकर हजारों लोगों पर कार्रवाई की गई।
आबकारी विभाग के अनुसार, जून 2026 में प्राप्त 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व पिछले वर्ष जून के 4,458.23 करोड़ रुपये की तुलना में 715 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार का कहना है कि पारदर्शी नीतियों, तकनीकी निगरानी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के कारण राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत जून तक प्रदेशभर में 2,65,870 छापेमारी की गई। इस दौरान 29,267 मुकदमे दर्ज हुए और करीब 9 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 4,641 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 804 आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 31 वाहन भी जब्तकी किए गए।
आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग को 71,278 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है। जून 2026 तक विभाग 15,809.25 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.11 प्रतिशत अधिक है।
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह के अनुसार, केवल जून महीने में 87,646 छापे डाले गए, 9,764 अभियोग दर्ज हुए और 2.56 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इस दौरान 1,513 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 283 को जेल भेजा गया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 7 वाहन भी जब्त किए गए।
