उत्तर प्रदेश में पहली बार संगठनात्मक बैठक करने पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय दौरे ने राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। इस दौरे को आगामी मिशन-2027 की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने जनसंपर्क और संगठनात्मक संवाद के जरिए पार्टी की नीतियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।

दौरे के दौरान नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर आयोजित आम भोज और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर चाय पार्टी में शामिल होकर संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय का संदेश दिया।
उन्होंने संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी विस्तृत बैठकें कीं, जिनमें संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ हुई चर्चा में यह स्पष्ट किया गया कि उनके अनुभव को आगामी चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
दूसरे दिन नितिन नवीन ने पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की, जहां शहर के बुद्धिजीवी वर्ग की भी उपस्थिति रही। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र प्रचारक और संघ से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विश्व संवाद केंद्र में विचार-विमर्श किया।
शाम के सत्र में प्रेरणा स्थल पर अवध क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और विरोधी दलों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने कई प्रतीकात्मक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया, जिन्हें राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। केशव प्रसाद मौर्य द्वारा बौद्ध पंचशील अंगवस्त्र और बुद्ध प्रतिमा भेंट कर स्वागत किए जाने को भी सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन के बीच तालमेल को मजबूत करने के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी तैयारी को धार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
