लखनऊ। इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (ISSP) के स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के पेन मेडिसिन ओपीडी (कक्ष संख्या-35, ओपीडी-2) में निशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) डेक्सा स्कैन जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 100 से अधिक मरीजों की हड्डियों की मजबूती की जांच मुफ्त में की गई। कार्यक्रम के आयोजन में बायोएलीट लाइफ साइंसेज का भी सहयोग रहा।
विशेषज्ञों ने बताया कि डेक्सा स्कैन के जरिए हड्डियों की घनत्व (Bone Mineral Density) का आकलन किया जाता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है। समय पर पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी और आसान हो जाता है।
आईएसएसपी के मानद राष्ट्रीय सचिव प्रो. डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि क्रोनिक पेन (पुराने दर्द) से पीड़ित मरीजों के लिए पेन मेडिसिन एक प्रभावी और आधुनिक उपचार विकल्प बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि आईएसएसपी ने देशभर के मरीजों की सुविधा के लिए एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके तहत लोग अपने शहर के पेन फिजिशियन की जानकारी संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
बिना बड़े ऑपरेशन के मिल रहा आधुनिक उपचार
पेन मेडिसिन यूनिट की प्रभारी प्रो. डॉ. शिवानी रस्तोगी ने बताया कि संस्थान की पेन मेडिसिन एमआईपीएसआई लैब देश की अग्रणी इकाइयों में शामिल है। यहां रीढ़ और कमर दर्द, घुटनों का दर्द, स्लिप डिस्क, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, कैंसर जनित दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस समेत विभिन्न प्रकार के क्रोनिक दर्द का बिना बड़े ऑपरेशन के आधुनिक तकनीकों से इलाज किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मरीजों के उपचार में रेडियो फ्रीक्वेंसी, काइफोप्लास्टी, स्पाइन एंडोस्कोपी और पेन बायोलॉजिकल थेरेपी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उत्तर भारत का पहला सरकारी संस्थान
प्रो. डॉ. शिवानी रस्तोगी ने बताया कि डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ उत्तर भारत का पहला सरकारी संस्थान है, जहां द्विवर्षीय एफएनबी पेन मेडिसिन पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय संस्थान के निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. पी.के. दास, संस्थान प्रशासन और एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की पूरी टीम को दिया।
