Homeउत्तर प्रदेशशिक्षा बचाओ मार्च: लखनऊ विश्वविद्यालय से शहीद स्मारक तक छात्रों का प्रदर्शन

शिक्षा बचाओ मार्च: लखनऊ विश्वविद्यालय से शहीद स्मारक तक छात्रों का प्रदर्शन

शिक्षा, छात्र अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग को लेकर सोमवार को “शिक्षा बचाओ – कलम, किताब और कैंपस बचाओ” अभियान के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय गेट-1 से शहीद स्मारक तक विशाल छात्र मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और युवा साथियों ने हिस्सा लिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।

मार्च के दौरान छात्रों ने फीस वृद्धि, पेपर लीक, छात्र हितों की उपेक्षा, निष्कासित छात्रों को न्याय, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर शिक्षा को सभी के लिए सुलभ, समान और गुणवत्तापूर्ण बनाए जाने की मांग करते नजर आए।

छात्रों का कहना था कि शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी ताकत है। यदि शिक्षा महंगी और छात्रों की पहुंच से बाहर होती जाएगी तो इसका सीधा असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हितों से जुड़े लंबित मुद्दों का जल्द समाधान निकालने की मांग की।

मार्च को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा, संविधान और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए है। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी जागरूक नागरिकों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील की।

शांतिपूर्ण मार्च में छात्रनेता अनिल यादव ‘मास्टर’, सुधांशु बाजपेई, महेंद्र कुमार यादव, कांची सिंह, सविता गौतम, शुभम खरवार, गोविंद यादव, प्रखर सिंह, नवनीत यादव, विशाल सिंह, मोहित पाल, अंकुश चौहान, अभिषेक मौर्य, उत्कर्ष मिश्रा, रेहान खान, सत्यम यादव और विकास चौरसिया समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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