रामपुर। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के आदेश को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश के खिलाफ मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। प्रबंधन की ओर से आदेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर अपील दाखिल की गई है। मामले में 28 जुलाई को सुनवाई होगी।
मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की चेयरमैन और ट्रस्टी निग्हत अफलाक खान तथा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. एसएन सलाम की ओर से 20 जुलाई को अपील दाखिल की गई है। यह मामला अब मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार की अदालत में पहुंच गया है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन को उम्मीद है कि सुनवाई के दौरान ध्वस्तीकरण के आदेश पर रोक मिल सकती है।
38 भवनों के अवैध निर्माण का मामला
दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय अवर अभियंता की ओर से 28 जून को मामला दर्ज कर जौहर ट्रस्ट के सचिव और यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया गया था। प्राधिकरण ने 8 जुलाई तक संबंधित 38 भवनों के नक्शे पेश करने को कहा था।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया गया। 15 जुलाई को हुई सुनवाई के बाद रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने अवैध भवनों को ध्वस्त करने का आदेश पारित किया। आरडीए की जांच में यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतें बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित पाए जाने का दावा किया गया है।
रामपुरवासियों ने यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग की
इस बीच रामपुर के कुछ निवासियों ने मुरादाबाद कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने के बजाय सरकार से टेकओवर करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से यूनिवर्सिटी को राष्ट्र को समर्पित करने की अपील की।
रामपुर निवासी फसाहत अली शानू ने कहा कि सरकार यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए इसे अपने अधीन ले, ताकि इसका अस्तित्व बना रहे। उन्होंने आजम खान से भी यूनिवर्सिटी को राष्ट्र के नाम समर्पित करने की अपील की।
बरेली में भी ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ प्रदर्शन
जौहर यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के विरोध में बरेली में भी प्रदर्शन हुआ। किसान संगठनों के बाद एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बरेली कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा को सौंपा। संगठन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
23 जुलाई को रामपुर जाएगा सपा प्रतिनिधिमंडल
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में 23 जुलाई को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेजने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचेगा और जिलाधिकारी से मुलाकात कर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपेगा।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा।
