अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदेशभर से सैकड़ों कोटेदार राजधानी लखनऊ पहुंचे। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन से जुड़े कोटेदार चारबाग से विधानसभा तक पैदल मार्च निकालकर घेराव करने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने चारबाग पर ही उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए चारबाग में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद कोटेदारों को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया गया, जहां उन्होंने प्रदर्शन करने की बात कही। संगठन के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने पहुंचे हैं।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगस्त में बंद होगा राशन वितरण
कोटेदारों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अगस्त महीने में पूरे प्रदेश में राशन वितरण का बहिष्कार किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इस संबंध में विभिन्न जिलों में पहले ही बैठकें कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जा चुकी है।
कोटेदारों के मुताबिक, राशन वितरण प्रभावित होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभाग की होगी।
कमीशन बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
कोटेदारों की प्रमुख मांगों में लाभांश यानी कमीशन बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग शामिल है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कोटेदारों को केवल 90 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता है, जो दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम है।
कोटेदारों का दावा है कि हरियाणा और दिल्ली में 200 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि गोवा में 230 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश दिया जाता है। वहीं, गुजरात में कोटेदारों के लिए 2,000 रुपये की न्यूनतम आय गारंटी की व्यवस्था है।
पुराने बकाये के भुगतान की भी मांग
कोटेदारों ने कोरोना काल के दौरान नवंबर 2021 में किए गए मुफ्त राशन वितरण का बकाया भुगतान जल्द करने की मांग की है। इसके अलावा बाजार मूल्य पर वितरित खाद्यान्न की लंबित फंडिंग और गेहूं

खरीद के दौरान जमा कराई गई खाली बोरियों के भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया है।
संगठन का कहना है कि इन सभी लंबित भुगतानों का तत्काल निपटारा किया जाना चाहिए, ताकि कोटेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
कोटेदारों को मानदेय देने की मांग
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कम कमीशन और बढ़ती महंगाई के कारण कोटेदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गुजरात, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में कोटेदारों को मानदेय दिए जाने की व्यवस्था है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी कोटेदारों को मानदेय दिया जाना चाहिए।

कोटेदारों ने सरकार से सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी नहीं होने पर अगस्त में राशन वितरण रोककर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
