उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा के सामने सिर्फ NDA की चुनौती नहीं है, बल्कि उसके अपने राजनीतिक समीकरण भी कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के PDA के बाद अब MY यानी मुस्लिम-यादव समीकरण पर भी दूसरे दलों की नजर है।
राजभर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वह लगातार जमीन पर लोगों के बीच रहते हैं और इसी आधार पर सपा प्रमुख को जमीनी हकीकत बता रहे हैं। राजभर के मुताबिक, अखिलेश यादव को अब NDA के साथ-साथ अपने ‘अपनों’ से भी राजनीतिक मुकाबला करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी और ओवैसी पर भी साधा निशाना
ओपी राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के मुस्लिम वोट बैंक पर अब दूसरे दल भी दावेदारी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का ‘पंजा’ अखिलेश यादव के ‘M’ यानी मुस्लिम वोट पर झपट्टा मारना शुरू कर चुका है।
राजभर ने आगे कहा कि राहुल गांधी तो अखिलेश के ‘अपने’ हैं, लेकिन दूसरे लोग भी उनके ‘अपने’ बनने की कोशिश कर रहे हैं। इसके जरिए उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की ओर इशारा किया।
‘PDA सरक गया, अब MY बचाने की चिंता’
राजभर ने अखिलेश यादव के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि PDA अब अखिलेश यादव के हाथ से सरक चुका है और अब सपा के सामने MY यानी मुस्लिम-यादव गठजोड़ को बचाने की चुनौती है।
उन्होंने अखिलेश यादव को जमीनी स्थिति समझने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें गांव-गांव जाकर लोगों के बीच जाना चाहिए और वहां की वास्तविक स्थिति को खुद देखना चाहिए।
सपा की छवि को लेकर भी किया हमला
ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी की छवि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि गांव-गांव में सपा की पहचान ‘गुंडे और माफिया वाली पार्टी’ के तौर पर बन गई है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के सत्ता में आने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है और गैर-यादव पिछड़ों व बहुजनों पर अत्याचार होता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान थानों और तहसीलों पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ जाता है। हालांकि, ये सभी आरोप राजभर की ओर से लगाए गए हैं।
‘हर जिले में माफिया को संरक्षण’
राजभर ने सपा पर माफिया संरक्षण का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के शासन में हर विभाग और जिले में प्रभावशाली लोगों को संरक्षण दिया जाता है। उन्होंने इसे ‘सैफई सिंडिकेट’ करार देते हुए सपा सरकार के पुराने कार्यकाल पर भी निशाना साधा।
मुस्लिम वोट बैंक को लेकर अखिलेश पर हमला
सुभासपा प्रमुख ने दावा किया कि सपा की कथित कार्यशैली से परेशान होकर मुस्लिम मतदाता भी पार्टी से दूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी के गांवों में सपा की स्थिति कमजोर हो रही है।
राजभर ने इसी दावे के आधार पर कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के सामने मुख्य विपक्षी दल की भूमिका बनाए रखने की चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि शायद अखिलेश यादव को उनकी बातों पर भरोसा न हो, लेकिन वह उन्हें जमीनी हकीकत बता रहे हैं।
‘जमीन पर आएं अखिलेश, अपनों से रहें सावधान’
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें जमीन पर उतरकर मेहनत करनी चाहिए और अपने ‘अपनों’ से सावधान रहना चाहिए। राजभर के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में PDA और MY समीकरण को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है।
