लखनऊ: संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद विवाद और गहरा गया है।
शनिवार को लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली, नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीरों पर चप्पल मारकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन में “पप्पू यादव मुर्दाबाद” और “सनातन से मत टकराओ” जैसे नारे लगाए गए।
सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने आरोप लगाया कि संसद में भगवा वस्त्र पहनकर राजनीतिक प्रदर्शन करना सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान है। उन्होंने कहा कि भगवा त्याग, तपस्या और आस्था का प्रतीक है, इसलिए उसका राजनीतिक विरोध के लिए इस्तेमाल अनुचित है।
प्रदर्शन के दौरान अनुरोध राय ने पप्पू यादव के खिलाफ अत्यंत भड़काऊ बयान भी दिया और उनके सिर काटने वाले को 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। यह बयान कानून और सार्वजनिक व्यवस्था के लिहाज से गंभीर है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे बयानों पर संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।
प्रदर्शन में संगठन के नेताओं ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष सनातन आस्था का अपमान कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विवाद की शुरुआत संसद परिसर में पप्पू यादव के उस विरोध प्रदर्शन से हुई, जिसमें उन्होंने भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे को उठाया था। इसी घटना के विरोध में विभिन्न सनातन संगठनों और संतों ने नाराजगी जताई है।
