उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 4 अगस्त को प्रदेश के 22 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 10 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र ने संबंधित जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए विशेष रूप से तराई क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी द्रोणी के सामान्य स्थिति के करीब आने और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती और संतकबीरनगर सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, आगरा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, झांसी, महोबा, चित्रकूट और बांदा में भी बारिश के आसार हैं। बारिश के चलते प्रदेश के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
पूरे सप्ताह रहेगा बारिश का असर
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 5 और 6 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। कुछ जिलों में मध्यम तो कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 7 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी यूपी के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और छोटी नदियों एवं नालों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी भी जारी की है।
