अखंड भारत सेवा दल ने केंद्र और राज्य सरकारों से भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने पर विचार करने की मांग की है। यह मांग संगठन की ओर से मंगलवार को यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उठाई गई।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय पाठक प्रवल ने कहा कि भारत के समग्र विकास और सामाजिक समरसता के लिए वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था को समाप्त किया जाए अथवा इसे केवल आर्थिक आधार पर लागू किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर सभी पात्र नागरिकों को समान अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि अखंड भारत सेवा दल राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरण और जनहित से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से जनजागरण अभियान चलाता रहेगा।
वहीं, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सूरजपाल सिंह चौहान ने सनातन परंपराओं के संरक्षण, सुव्यवस्थित प्रबंधन और विकास के लिए राष्ट्रीय सनातन बोर्ड के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ संवर्धन को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही भारतीय संस्कृति, संस्कार, आध्यात्मिक परंपराओं और सनातन जीवन मूल्यों के संरक्षण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर योजनाएं संचालित की जाएं।
