रिपोर्ट :- ममता भारद्वाज
विश्व धरोहर और दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल पर एक बार फिर फर्जी और बिना लाइसेंस वाले गाइडों की सक्रियता सवालों के घेरे में है। आरोप है कि ताजमहल परिसर और उसके आसपास कई स्थानीय लोग बिना अधिकृत लाइसेंस के विदेशी पर्यटकों को गाइड सेवा दे रहे हैं। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि ताजमहल की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रतिदिन हजारों देशी-विदेशी पर्यटक ताजमहल का दीदार करने आगरा पहुंचते हैं। पर्यटन विभाग के नियमों के अनुसार विदेशी पर्यटकों को केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी गाइड ही ऐतिहासिक स्मारक की जानकारी दे सकते हैं। इसके बावजूद कथित तौर पर कई स्थानीय और बिना लाइसेंस वाले गाइड खुलेआम विदेशी पर्यटकों के साथ घूमते नजर आते हैं।
बताया जा रहा है कि ये लोग सुबह से ही ताजमहल के आसपास सक्रिय हो जाते हैं और विदेशी पर्यटकों से संपर्क कर उन्हें गाइड सेवा देने की पेशकश करते हैं। इतना ही नहीं, कुछ कथित गाइड पर्यटकों को खरीदारी के लिए विशेष शोरूम तक भी ले जाते हैं, जहां कमीशन का खेल होने के आरोप लगते रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ताजमहल की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए तैनात पर्यटन पुलिस, ताज सुरक्षा पुलिस और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की मौजूदगी के बावजूद यदि बिना लाइसेंस गाइड सक्रिय हैं तो उन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। परिसर में सीसीटीवी निगरानी के दावों के बीच भी यह गतिविधियां जारी रहने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इस मामले में संबंधित विभागों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विदेशी पर्यटकों के भरोसे और आगरा की पर्यटन छवि के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है।
