गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भूमिपूजन के महज तीन महीने के भीतर परियोजना का करीब 20 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस स्टेडियम का भूमिपूजन और शिलान्यास 16 मई 2026 को किया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ईपीसी मोड पर निर्माण कार्य शुरू किया। मुख्य स्टेडियम परिसर की लेवलिंग और पाइल फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाहरी क्षेत्र में सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। अब तक परियोजना के लिए 110 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है।
46 एकड़ में बनेगा आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम
करीब 46 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाला यह स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी जारी कर दी है। इससे पहले 63.39 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता और तय समय-सीमा के अनुसार ही पूरा कराया जाएगा।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से होगा लैस
ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर बन रहे इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट पिच, आधुनिक आउटफील्ड, हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स, ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम, खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक ड्रेसिंग रूम, प्रैक्टिस एरिया और दर्शकों के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खेल निदेशक की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो पिच, आउटफील्ड, लाइटिंग, सिटिंग और प्रसारण सुविधाओं सहित सभी तकनीकी पहलुओं की निगरानी कर रही है।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। भुगतान की अगली किश्तें भी गुणवत्ता परीक्षण और कम से कम पांच स्थलीय निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर जारी की जाएंगी।
चूंकि स्टेडियम का क्षेत्र अपेक्षाकृत निचला (लो-लाइंग) है, इसलिए जलभराव की समस्या से बचने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक स्वीकृतियां भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
सरकार का मानना है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह स्टेडियम न केवल पूर्वांचल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करेगा, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।
