मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संत कबीर राज्य स्तरीय हैंडलूम पुरस्कार वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के सभी बुनकरों और हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश के विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बुनकरों और हस्तशिल्पियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
सीएम योगी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि 7 अगस्त 1905 का दिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए बेहद अहम था। इसी दिन स्वदेशी आंदोलन ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हुए थे, लेकिन स्वदेशी की भावना ने देशवासियों में आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता की चेतना जगाई।
उन्होंने कहा कि बाद में महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वदेशी आंदोलन और अधिक मजबूत हुआ, जिससे आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा मिली और अंततः देश स्वतंत्र हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी की भावना को आगे बढ़ाते हुए हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है।
