उत्तर प्रदेश की योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को नई मजबूती देने के लिए बड़ा प्रशिक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और अन्य डिजिटल शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा देकर कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक विकासखंड से एक शिक्षक को मास्टर ट्रेनर के रूप में नामित किया गया है। इनका राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दो चरणों में 27 से 29 जुलाई और 4 से 6 अगस्त के बीच पूरा किया जा चुका है। अब यही प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने ब्लॉकों में अन्य शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक बैच में अधिकतम 50 शिक्षक शामिल होंगे।
स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का होगा बेहतर इस्तेमाल
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और ई-कंटेंट के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही तकनीक आधारित शिक्षण, डिजिटल प्रेजेंटेशन, विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और विषयों को अधिक रोचक तरीके से पढ़ाने की आधुनिक विधियां भी सिखाई जाएंगी। एनबीडीआईयूपी पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल बोर्ड मैनुअल, इंस्टॉलेशन वीडियो और ट्यूटोरियल का भी प्रशिक्षण में उपयोग किया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों को केवल उपकरण तक सीमित न रखकर उन्हें नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है। इससे विद्यार्थी विषयों को अधिक सरल, दृश्यात्मक और इंटरैक्टिव तरीके से समझ सकेंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अनुभवात्मक और डिजिटल अधिगम को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट कराया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेगा, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक प्रशिक्षण की निगरानी करेंगे। प्रत्येक बैच का फीडबैक लेकर गुणवत्ता का लगातार मूल्यांकन भी किया जाएगा।
तकनीकी समस्याओं के समाधान की भी व्यवस्था
सरकार ने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला और राज्य स्तर पर एस्केलेशन मैट्रिक्स तैयार किया है। सभी सेवा प्रदाताओं के संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसी भी तकनीकी बाधा का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। सभी जिलों को 30 अगस्त 2026 तक ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हर शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाने का लक्ष्य
योगी सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना है। सरकार का मानना है कि जब शिक्षक तकनीक का प्रभावी उपयोग करेंगे, तभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सहभागितापूर्ण शिक्षा पहुंच सकेगी। यह अभियान प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को मजबूत आधार देने की दिशा में अहम पहल साबित होगा।
