रिपोर्ट : गोविद काश्यप
लखनऊ, 9 अगस्त। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा इस बार आस्था के साथ तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का भी संगम बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शिवभक्तों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए प्रदेशभर में हाईटेक व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ यात्रा एप के जरिए श्रद्धालुओं को एक क्लिक पर यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल रही है।
एप पर कांवड़ मार्ग का रूट मैप, मंदिर, शौचालय, चिकित्सा केंद्र और भोजन की उपलब्धता जैसी जानकारियां दी जा रही हैं। किसी तरह की शिकायत या आपात स्थिति में भी श्रद्धालु एप के माध्यम से मदद ले सकते हैं। एप को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से भी जोड़ा गया है, जिससे कांवड़ियों को यात्रा से जुड़ी पल-पल की अपडेट मिल रही है।
मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ समेत कांवड़ यात्रा वाले जिलों में स्वास्थ्य, पेयजल, भोजन, शौचालय और आवागमन की व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। कंट्रोल रूम के जरिए यात्रा मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी भी देर रात तक औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
बागपत में 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने इस्तेमाल किया एप
बागपत में कांवड़ यात्रा एप श्रद्धालुओं के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के मुताबिक, जिले में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु एप का इस्तेमाल कर चुके हैं। इसके जरिए कांवड़ियों को यात्रा मार्ग और रास्ते में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है।
उन्होंने बताया कि बागपत में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या के मुताबिक व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं।
महिला कांवड़ियों के लिए बाइक एंबुलेंस
कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बागपत में महिला श्रद्धालुओं के लिए महिला डॉक्टरों से लैस बाइक एंबुलेंस तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर ये एंबुलेंस कांवड़ मार्ग पर तेजी से पहुंचकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगी।
जिलाधिकारी के अनुसार, बागपत में यात्रियों की सुविधा के लिए 20 निजी अस्पतालों में व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके अलावा 35 स्वास्थ्य कैंप भी तैयार किए गए हैं। इससे किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर-ई-रिक्शा
कांवड़ यात्रा में बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। इनके लिए बड़ी संख्या में व्हीलचेयर और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। इससे उन श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, जिन्हें लंबी दूरी पैदल तय करने में परेशानी होती है।
इसके अलावा यात्रा मार्गों पर भोजन, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने पर भी जोर दिया गया है।
गाजियाबाद में कंट्रोल रूम से निगरानी
गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय किया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक देर रात तक कांवड़ मार्ग का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान भोजन समेत अन्य सुविधाओं की स्थिति देखी जा रही है।
नगर आयुक्त ने कांवड़ यात्रा से जुड़े अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम के जरिए यात्रा मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी समस्या की जानकारी मिलते ही संबंधित टीम को मौके पर भेजकर उसका समाधान कराया जा सके।
दीवारों पर दिख रहा शिवमय रंग
गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के साथ ही शिवमय स्वरूप भी दिया गया है। मार्ग की दीवारों पर भगवान शिव और कांवड़ यात्रा से जुड़ी कलाकृतियां बनाई गई हैं। इससे यात्रा मार्ग पर आस्था और कला का अनूठा संगम नजर आ रहा है।
सुरक्षा, सुविधा और तकनीक पर फोकस
इस बार कांवड़ यात्रा में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के साथ तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया है। कांवड़ यात्रा एप श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच संपर्क का माध्यम बन रहा है। कांवड़ियों को मोबाइल पर जरूरी जानकारी मिल रही है, जबकि कंट्रोल रूम और फील्ड में तैनात अधिकारी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
