रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
अयोध्या। श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करने वाले अर्चकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया से मंदिर के पुजारी पंचकेश और पीले रंग के उत्तरीय वस्त्र में नजर आएंगे। नए ड्रेस कोड को लेकर गुरुवार को धार्मिक समिति के सदस्यों और व्यवस्था प्रमुख के साथ बैठक हुई। शुक्रवार को सभी पुजारियों को नए वस्त्र सौंपे जाएंगे।
धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास ने बताया कि नए ड्रेस कोड के तहत सभी अर्चक एक समान पीत वस्त्र पहनेंगे। गर्मी के मौसम में नीचे धोती और ऊपर उत्तरीय वस्त्र होगा। उत्तरीय सिला हुआ नहीं, बल्कि बिना सिला हुआ रेशमी सिल्क का होगा।

उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में शुचिता का विशेष महत्व है और इसी वजह से रेशमी वस्त्र को उपयुक्त माना गया है। बिना सिले वस्त्र में स्पर्श-अस्पर्श के कारण अशुद्ध होने की संभावना भी कम रहती है।
सर्दियों में पुजारियों के लिए ऊनी गर्म कपड़ों की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन वस्त्रों का रंग पीला ही रहेगा। समिति का कहना है कि मौसम के अनुसार कपड़े बदलने के बावजूद सभी अर्चकों के पहनावे में एकरूपता बनी रहनी चाहिए, जिससे मंदिर की परंपरा और गरिमा कायम रहे।
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नए ड्रेस कोड पर पुजारियों ने जताई आपत्ति
धार्मिक समिति के फैसले पर कुछ राम मंदिर के पुजारियों ने आपत्ति जताई है। एक पुजारी के मुताबिक, ड्रेस कोड में बदलाव से पहले उनसे राय नहीं ली गई। उनका कहना है कि पहले पीली चौबंदी और सफेद धोती पहनने का फैसला हुआ था और उससे किसी तरह की परेशानी नहीं थी।
पुजारियों का तर्क है कि उत्तरीय वस्त्र पहनकर आरती करने में परेशानी हो सकती है। वहीं, व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव मिश्र ने कहा कि पुजारियों की आपत्ति को धार्मिक समिति के सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की परंपरा और वैष्णव संप्रदाय के नियमों के अनुसार पुजारियों को निर्धारित व्यवस्था का पालन करना अनिवार्य है।
