रिपोर्ट: गोविंद कश्यप
अयोध्या। स्वामी परमहंस रामचंद्र दास महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर अयोध्या के दिगंबर अखाड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी की बात कहकर सनातन धर्म को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग बजरंगबली के नहीं, बल्कि बाबरी के भक्त हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “बाबरी का भक्त बजरंगबली का भक्त नहीं हो सकता।” उन्होंने कहा कि बजरंगबली ऐसे कालनेमियों को आसानी से पहचान लेते हैं, लेकिन राम और हनुमान के भक्तों को भी ऐसे लोगों को पहचानने की सामर्थ्य विकसित करनी होगी।

अयोध्या के बदलते स्वरूप का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब श्रद्धालुओं को अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ता था। राम की पैड़ी और सरयू के घाटों की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज अयोध्या का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है।
योगी ने कहा कि आज की अयोध्या त्रेता युग की स्मृति कराती है। अब ऐसा लगता है कि वास्तव में अयोध्या, अयोध्या है। उन्होंने कहा कि अयोध्या सप्तपुरियों में प्रथम पुरी मानी जाती है, इसलिए इसका विकास आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि के साथ-साथ भौतिक रूप से भी उसी अनुरूप होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में कहीं भी अयोध्या का नाम सुनकर संतों और रामभक्तों को सम्मान मिलता है। उन्होंने इसे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में संतों के तप, साधना और संघर्ष का परिणाम बताया।

राम जन्मभूमि आंदोलन के संघर्ष को किया याद
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संतों ने बेहद विषम परिस्थितियों में संघर्ष किया। उस संघर्ष की कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की त्रासदी रही है कि जिस समय अयोध्या में प्रभु श्रीराम का राजतिलक होना चाहिए था, उस समय उन्हें वनवास दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन केवल एक मंदिर के निर्माण का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ा संघर्ष था।
‘कोई न कोई मंथरा आकर फिर गुल खिलाने लगती है’
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “कोई न कोई मंथरा आकर फिर कुछ न कुछ गुल खिलाने का काम करने लगती है और यही कुछ अयोध्या के साथ फिर से हो रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या को निशाना बनाकर केवल श्रीराम जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म को भी निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
योगी ने विपक्षी नेताओं को निशाने पर लेते हुए उन्हें कालनेमी बताया। उन्होंने कहा कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों के विरोध में खड़े होकर लाठी-गोली चलाने में संकोच नहीं किया और उच्चतम न्यायालय में भी राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला न आने देने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वही लोग राम-राम जपकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने रामभक्तों से ऐसे लोगों को पहचानने की अपील की।
‘बजरंगबली ऐसे कालनेमियों को पहचान लेते हैं’
हनुमान मंदिर में विपक्षी नेताओं के पहुंचने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बजरंगबली से ज्यादा इन कालनेमियों को कौन पहचान सकता है। उन्होंने कहा कि राम और बजरंगबली की भक्ति का दावा करने वालों को उनके आचरण और कार्यों से पहचानना होगा।
योगी ने कहा कि आज निशाना सनातन धर्म है, निशाना अयोध्या धाम है और निशाना श्रीराम जन्मभूमि है। उन्होंने रामभक्तों से ऐसे लोगों को पहचानने और उनके प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
साध्वी ऋतंभरा ने तीन संकल्पों के लिए एकजुट होने की अपील की
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ तीन प्रमुख संकल्प हैं। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्मभूमि हमें मिले, काशी विश्वनाथ में नंदी की तपस्या पूरी हो और स्वामी परमहंस रामचंद्र दास महाराज का संकल्प भी पूरा हो।
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि जब लोग इन संकल्पों को दिल से लेकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता जल्द मिलेगी। उन्होंने लोगों से इन संकल्पों के प्रति समर्पित होकर एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
