रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 12वीं बोर्ड बैठक में यमुना क्षेत्र के विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। सोमवार को अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ताइवान सिटी, मेडिकल हब, फार्मास्यूटिकल क्लस्टर, मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सेंटर, यूनिवर्सिटी पार्क, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद जेवर एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा, खेल और सार्वजनिक परिवहन के लिहाज से बड़ा केंद्र बन सकता है। इससे निवेश के साथ स्थानीय रोजगार और सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
300 एकड़ में विकसित होगी ताइवान सिटी
जेवर एयरपोर्ट के पास करीब 300 एकड़ जमीन पर ताइवान सिटी विकसित करने की तैयारी है। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-6 में ताइवान आधारित कंपनियों को करीब 300 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी।
इस परियोजना के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आईटी और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को यमुना क्षेत्र में आकर्षित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

500 एकड़ में बनेगा मेडिकल हब
सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल हब विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। यहां अस्पताल, क्लीनिक, रिसर्च सेंटर, डिजिटल हेल्थ, बायोटेक और फार्मा से जुड़े संस्थानों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
मेडिकल हब को जेवर एयरपोर्ट और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़कर विकसित करने की योजना है। इसमें रिसर्च एवं ट्रायल हब, डिजिटल हेल्थ हब, बायोटेक एवं फार्मा सेंटर, वृद्ध देखभाल केंद्र और नर्सिंग सुविधाओं के लिए भी जमीन उपलब्ध होगी। इसके लिए करीब 3000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता लेने पर भी विचार किया गया है।
125 एकड़ में फार्मास्यूटिकल क्लस्टर
सेक्टर-6 में करीब 100 से 125 एकड़ जमीन पर फार्मास्यूटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा। यहां टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, सिरप, क्रीम, जेल, लोशन और मलहम जैसी दवाओं के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने की योजना है।
इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क में FDA अनुरूपता मूल्यांकन और मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इससे मेडिकल उपकरण बनाने वाली भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच के लिए विदेशों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
50 एकड़ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
यमुना क्षेत्र में खेल सुविधाओं को भी विस्तार दिया जाएगा। बोर्ड बैठक में सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
इसके साथ ही सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ में मंडी और सेक्टर-14 में करीब 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी पार्क विकसित करने की योजना को भी हरी झंडी दी गई है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, खेल और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
100 से बढ़कर 500 होंगी इलेक्ट्रिक बसें
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे जेवर एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और नई विकसित होने वाली परियोजनाओं के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प भी बढ़ेंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड के लिए ब्रिज को मंजूरी
बोर्ड बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे के चेनज 161.51 पर सर्विस रोड के लिए करवन नदी पर कलवर्ट माइनर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके बनने से संबंधित क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
YEIDA की इन परियोजनाओं को एक साथ देखें तो यमुना क्षेत्र में विकास का दायरा अब केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं रहेगा। ताइवान सिटी और फार्मास्यूटिकल क्लस्टर से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, वहीं मेडिकल हब और मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधाएं स्वास्थ्य क्षेत्र को नई गति दे सकती हैं। यूनिवर्सिटी पार्क, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से क्षेत्र में शिक्षा, खेल और सार्वजनिक परिवहन का भी तेजी से विकास होने की संभावना है।
