रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के शताब्दी भवन में गुरुवार रात बड़ा हादसा हो गया। शताब्दी भवन फेज-1 और फेज-2 के बीच की एक दीवार अचानक गिर गई। इसके मलबे की चपेट में आने से ऑक्सीजन की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और पूरे भवन में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो गई। ऑक्सीजन सप्लाई रुकते ही अस्पताल के वार्डों में अफरा-तफरी मच गई।
शताब्दी भवन में रेडियोथेरेपी, पल्मोनरी मेडिसिन, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, हिमेटोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और गैस्ट्रोमेडिसिन समेत कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित होते हैं। यहां करीब 250 से ज्यादा गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं।
ऑक्सीजन बंद होते ही मची अफरा-तफरी
सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई अचानक बंद होने के बाद आईसीयू और वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों में घबराहट फैल गई। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए मरीजों को ऑक्सीजन देना शुरू किया।
जरूरत के मुताबिक कुछ मरीजों को सिलेंडर के सहारे दूसरे वार्डों में भी शिफ्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए करीब 15 रूटीन और इमरजेंसी ऑपरेशन टालने पड़े।

बिना सेंट्रल ऑक्सीजन के ऑपरेशन करना मुश्किल
डॉक्टरों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया और मरीजों की निगरानी के लिए लगातार ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई उपलब्ध नहीं होने पर ऑपरेशन करना जोखिम भरा हो सकता था। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशन स्थगित करने का फैसला लिया गया।
इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही KGMU प्रशासन, इंजीनियरिंग विभाग और ऑक्सीजन प्लांट की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, तकनीकी टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है और जल्द ही ऑक्सीजन सप्लाई सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
KGMU के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. केके सिंह ने बताया कि दीवार गिरने की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

पहले भी बिजली गुल होने से प्रभावित हुई थीं सेवाएं
शताब्दी भवन में इससे पहले भी बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ चुका है। इस बार ऑक्सीजन की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से गंभीर मरीजों की सुरक्षा को लेकर स्थिति और संवेदनशील हो गई।
KGMU में करीब 3500 से अधिक बेड हैं। इनमें लगभग 400 बेड पर सीधे ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा उपलब्ध है, जो लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से जुड़ी है।
