रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
छात्रों ने उच्च शिक्षा में लगातार बढ़ती फीस, रोजगार के सीमित अवसर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और विद्यार्थियों के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। छात्रों का कहना था कि युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा के साथ पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पर्याप्त रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना समय की बड़ी जरूरत है।

छात्रनेता महेंद्र कुमार यादव ने कहा कि देश का युवा आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सम्मानजनक रोजगार की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय सिर्फ डिग्री देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक न्याय को मजबूत करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना जरूरी है।
वहीं, आशुतोष रांका ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं और छात्रों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों की ओर से उठाए गए सवालों और चिंताओं को सुना और शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

मुलाकात के दौरान छात्रों ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंवाद करने और छात्र-युवा हितों के लिए मिलकर आवाज उठाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र, छात्रनेता और छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।
