रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सितंबर की शुरुआत के साथ ही पार्टी ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की कवायद शुरू कर दी है। यूपी प्रभारी विनोद तावड़े के दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान संगठन और सरकार के साथ आगामी चुनाव की रणनीति पर विस्तार से मंथन हुआ।
बैठकों में विनोद तावड़े ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि अब चुनाव तक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। संगठन की जमीनी स्थिति को समझें और क्षेत्र में जो स्थिति है, उसकी वास्तविक रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाएं।
ग्राउंड रिपोर्ट में किसी तरह की मिलावट न हो
विनोद तावड़े ने प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में संगठन की स्थिति और आगामी चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नेताओं से कहा कि क्षेत्र में संगठन मजबूत है तो इसकी जानकारी दें और यदि कहीं कमजोरी है या जनता में नाराजगी है, तो उसे भी ईमानदारी से पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया जाए।
पार्टी नेतृत्व का जोर इस बात पर है कि चुनाव से पहले जमीनी स्थिति की सही तस्वीर सामने आए। किसी दबाव या सिफारिश के आधार पर कमजोर दावेदारों के नाम आगे नहीं बढ़ाए जाएं। उम्मीदवारों के चयन में उनकी क्षेत्रीय स्वीकार्यता और जमीनी पकड़ को अहम माना जाएगा।
2024 के लोकसभा चुनाव से बीजेपी ने लिया सबक
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नतीजों के बाद बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। पार्टी संगठन की मजबूती के साथ-साथ उम्मीदवार चयन और जमीनी फीडबैक पर विशेष जोर दे रही है।
विनोद तावड़े ने पदाधिकारियों को संकेत दिया कि इस बार कागजी रिपोर्ट के बजाय क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को प्राथमिकता दी जाएगी। जिले से लेकर क्षेत्र और प्रदेश स्तर तक सामने आने वाले नामों में जमीनी स्वीकार्यता को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा।
नई प्रदेश टीम के साथ भी हुई बैठक
लखनऊ दौरे के दौरान विनोद तावड़े ने प्रदेश बीजेपी की नई टीम के साथ परिचय बैठक भी की। प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और प्रदेश-क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक अभियानों और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
इसके अलावा तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक व केशव प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात की। इन बैठकों में सरकार के कामकाज, संगठन की स्थिति और 2027 के चुनावी माहौल को लेकर चर्चा हुई।
सितंबर में यूपी आएंगे बीजेपी के कई बड़े नेता
बीजेपी ने सितंबर में उत्तर प्रदेश में कई बड़े नेताओं के दौरे का कार्यक्रम तैयार किया है। राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष का 10 और 11 सितंबर को लखनऊ दौरा प्रस्तावित है। इसके बाद नितिन नबीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी यूपी दौरे प्रस्तावित हैं।
वहीं नवरात्रि और दीपावली के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर प्रदेश में कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पार्टी संगठन इन कार्यक्रमों को लेकर भी तैयारियों में जुटा है।
कुल मिलाकर सितंबर का महीना बीजेपी के लिए संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से अहम रहने वाला है। लगातार बैठकों, केंद्रीय नेताओं के दौरों और सरकार-संगठन के बीच समन्वय के जरिए पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की जमीन मजबूत करने में जुट गई है। विनोद तावड़े के संदेश से साफ है कि अब चुनावी रणनीति का आधार लखनऊ की बैठकों के बजाय जमीनी फीडबैक और क्षेत्र की वास्तविक स्थिति होगी।
