जाने-माने लेखक, ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट और कमेंटेटर सुहेल सेठ ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन मॉडल की सराहना की। नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक के सफर के दौरान नजर आए इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे और नेताओं की जरूरत है।
सुहेल सेठ अपनी नई किताब ‘WTF India: Are We Losing the Plot?’ के विमोचन के लिए गलगोटियास यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। कार्यक्रम विश्वविद्यालय की संवाद श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को छात्रों से संवाद के लिए आमंत्रित किया जाता है।
सेठ ने क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता का उल्लेख करते हुए इसे प्रभावी शासन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर अचानक तैयार नहीं होता। इसके पीछे मजबूत और निर्णायक नेतृत्व होता है, जो स्पष्ट दिशा तय करने के साथ उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बदलाव की रफ्तार यह दिखाती है कि जब स्पष्ट सोच के साथ उसे लागू करने की इच्छाशक्ति और क्षमता जुड़ती है, तो प्रभावी शासन के जरिए बड़ा बदलाव संभव है।
किताब के विमोचन के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया के साथ सुहेल सेठ की विस्तृत बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने छात्रों से भी संवाद किया। बातचीत में भारत की दिशा, नागरिकों की जिम्मेदारियों और देश के भविष्य से सक्रिय रूप से जुड़े रहने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
छात्रों ने भारत की दिशा और अपनी पीढ़ी की भूमिका को लेकर सुहेल सेठ से कई सवाल किए। सेठ ने अपने बेबाक और सहज अंदाज में सवालों के जवाब दिए। उन्होंने छात्रों से सवाल करने, भागीदारी निभाने और भारत की कहानी को खुद आकार देने की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने सुहेल सेठ की मेजबानी पर खुशी जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को बड़े विचारों पर चर्चा और बहस करने का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद छात्रों को खुद और देश के बारे में अधिक सोचने का अवसर देते हैं।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी की संवाद श्रृंखला विश्वविद्यालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत उद्योग, विचार और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने वाली हस्तियों को कैंपस में बुलाया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों से सीखने और संवाद करने का अवसर देना है।
50 हजार से ज्यादा छात्र, एक लाख से अधिक पूर्व छात्र
गलगोटियास यूनिवर्सिटी भारत की प्रमुख मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटीज में शामिल है। विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च, इनोवेशन, ग्लोबल सहयोग और इंडस्ट्री से जुड़ी शिक्षा के लिए जाना जाता है। यहां 50,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जबकि इसका ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क एक लाख से अधिक पूर्व छात्रों का है।
विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी, उद्यमिता, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और वास्तविक दुनिया में उपयोगी शिक्षा पर केंद्रित इकोसिस्टम विकसित किया है।
QS और Times Higher Education रैंकिंग में स्थान
क्वाक्वेरेली साइमंड्स की **QS World University Rankings 2027** में गलगोटियास यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर पर 1201-1400 बैंड में स्थान मिला है। भारत में यह निजी विश्वविद्यालयों में 16वें और सभी विश्वविद्यालयों में 46वें स्थान पर रही।
वहीं, Times Higher Education World University Rankings 2026 में विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 1201-1500 बैंड में जगह मिली। भारत में निजी विश्वविद्यालयों में इसे 27वां और सभी विश्वविद्यालयों में 65वां स्थान मिला। विश्वविद्यालय को NAAC की ‘A+’ मान्यता भी प्राप्त है।
विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर्स, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन, हेल्थ साइंसेज, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
वर्ष 2026 में छात्रों को 1,250 से अधिक रिक्रूटर्स की ओर से 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। विश्वविद्यालय ने Apple, Accenture, Infosys, IBM, Intel, Cisco, Tata Technologies, L&T EduTech, Capgemini और Salesforce जैसी कंपनियों के साथ इंडस्ट्री और इनोवेशन पार्टनरशिप भी विकसित की हैं। साथ ही ग्लोबल अकादमिक सहयोग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी काम जारी है।
