रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास के बाहर अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन हुआ। राजभवन कॉलोनी स्थित आवास के बाहर आयुष छात्र-छात्राओं, UPSSSC फार्मासिस्ट भर्ती के अभ्यर्थियों और सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
आयुष छात्र-छात्राएं स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। वहीं UPSSSC फार्मासिस्ट भर्ती के अभ्यर्थियों ने 564 पदों की मांग उठाई। इसके अलावा सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
2011 से स्टाइपेंड नहीं बढ़ने का दावा
प्रदर्शन कर रहे आयुष छात्र-छात्राओं का कहना है कि वर्ष 2011 से उनके स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। फिलहाल उन्हें हर महीने 7,500 रुपये स्टाइपेंड मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि उनके समकक्ष MBBS और BDS डॉक्टरों के स्टाइपेंड में दो बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि आयुष छात्रों के स्टाइपेंड में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
564 पदों की मांग को लेकर प्रदर्शन
UPSSSC फार्मासिस्ट भर्ती के अभ्यर्थी भी अपनी मांगों को लेकर डिप्टी सीएम आवास पहुंचे। अभ्यर्थियों ने 564 पदों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने उठाई वेतन बढ़ाने की मांग
सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे। कर्मचारियों ने डिप्टी सीएम के सामने अपनी आर्थिक स्थिति और वेतन से जुड़ी समस्याएं रखीं।
प्रदर्शनकारियों से मिले डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम आवास के बाहर अलग-अलग समूहों के प्रदर्शन के चलते कुछ देर तक माहौल गरम रहा। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर बृजेश पाठक खुद आवास से बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।
