रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। नगर निगम मुख्यालय पर मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर एलएसए कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारी उनके साथ मनमानी कर रहे हैं और समस्याओं के बावजूद उनसे लगातार काम कराया जा रहा है।
फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड के सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद उनसे सफाई का काम कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने समय पर वेतन नहीं मिलने की शिकायत भी की।

प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने कहा कि एलएसए कंपनी के अधिकारी उनके साथ मनमानी कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पर्याप्त संसाधन नहीं मिलने के बावजूद उनसे लगातार काम कराया जाता है। समय पर वेतन नहीं दिया जाता और अधिकारियों की ओर से उनका उत्पीड़न भी किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो विरोध जारी रहेगा।
कर्मचारी रेशमा ने बताया कि कर्मचारी सुबह करीब चार बजे काम पर पहुंचते हैं और अंगूठा लगाकर अपनी हाजिरी दर्ज करते हैं। उनका कहना है कि काम खत्म करने और जाने का कोई निश्चित समय तय नहीं है। रेशमा के मुताबिक, वेतन मिलने में भी देरी होती है और कई बार दो-दो महीने तक सैलरी का इंतजार करना पड़ता है।
वहीं कर्मचारी अर्जुन ने एलएसए के एचआर वैभव त्रिपाठी और जोनल अधिकारी पर संसाधन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ट्रैक्टर, ट्रॉली और लोडर के लिए ड्राइवर की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। संसाधनों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, लेकिन इसका जिम्मेदार कर्मचारियों और पार्षदों को माना जाता है।
अर्जुन ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों से दो से तीन हजार रुपये देने की मांग की जाती है और पैसे नहीं देने पर नौकरी से हटाने की बात कही जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों से एटीएम मांगा जाता है और एटीएम से पैसे निकालकर रकम देने के लिए कहा जाता है।
कर्मचारियों के इन आरोपों के बाद नगर निगम मुख्यालय पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समाधान और समय पर वेतन देने की मांग की। साथ ही पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और कथित उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई की मांग की।
