रिपोर्ट : ममता भारद्वाज
आगरा में कक्षा 9 की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में वाल्मीकि समाज का आक्रोश सामने आया है। छात्रा की मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर समाज के लोगों ने हंगामा किया और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ अनहोनी की घटना हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर आगरा पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि कक्षा 9 की छात्रा बीती 28 अगस्त को घर से खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए निकली थी। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। छात्रा के लापता होने के बाद परिजनों ने उसी दिन थाना छत्ता में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
परिजनों के मुताबिक, बेटी के घर वापस नहीं लौटने के बावजूद पुलिस की ओर से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। करीब तीन दिन बाद पुलिस ने छात्रा के साथ एक्सीडेंट होने की जानकारी देते हुए उसके परिवार से संपर्क किया।
अब छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पोस्टमार्टम को लेकर भी वाल्मीकि समाज के लोगों ने विरोध जताया है। समाज के लोगों का कहना है कि छात्रा के साथ हुई घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वहीं, करीब 11 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए वाल्मीकि समाज में पुलिस के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल, छात्रा की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजन और वाल्मीकि समाज मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
