रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की प्रयोगशालाओं में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे बेंच केमिस्टों ने नौकरी से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में बेंच केमिस्ट डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचे और अपनी बहाली की मांग उठाई।
प्रदेश के 18 मंडलों में स्थित एफएसडीए प्रयोगशालाओं में काम करने वाले केमिस्ट बैनर और पोस्टर लेकर डिप्टी सीएम के आवास के बाहर जुटे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी नोटिस या लिखित आदेश के नौकरी से हटा दिया गया है।
विभाग की कार्रवाई को बताया गैरकानूनी
हटाए गए बेंच केमिस्ट गोपाल रस्तोगी ने बताया कि वे 1 नवंबर 2022 से आउटसोर्सिंग के जरिए बेंच केमिस्ट के पद पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रयोगशालाओं में काम करते हुए उन्होंने बड़ी संख्या में सैंपल की जांच की है और उन्हें इस काम का पर्याप्त अनुभव है।
गोपाल रस्तोगी के मुताबिक, विभाग ने अब 347 नए पद सृजित किए हैं और उन पर कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इसके बाद आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे पुराने कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।
उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद सरकार की ओर से मामले पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से सभी कर्मचारी अपनी मांग रखने के लिए डिप्टी सीएम के आवास पहुंचे हैं।
बिना नोटिस हटाने का आरोप
एक अन्य बेंच केमिस्ट सुशील गौतम ने आरोप लगाया कि उन्हें कॉरपोरेशन के लागू होने से ठीक पहले बिना किसी नोटिस या लिखित आदेश के काम से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि दूसरे विभागों की तरह वे भी आउटसोर्सिंग के जरिए अपनी सेवाएं दे रहे थे।
सुशील गौतम ने मांग की कि उन्हें सभी प्रयोगशालाओं में दोबारा काम पर रखा जाए और नए कॉरपोरेशन के तहत उनकी सेवाएं जारी रखी जाएं।
18 मंडलों की प्रयोगशालाओं में बहाली की मांग
प्रदर्शन कर रहे बेंच केमिस्टों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से प्रदेश के सभी 18 मंडलों की एफएसडीए प्रयोगशालाओं में उनकी बहाली की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अनुभव के आधार पर नए कॉरपोरेशन में भी काम करने का अवसर दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट करने और उनकी सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
