रिपोर्ट – अजयपाल यादव
उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिसकर्मियों की कथित दबंगई उन पर ही भारी पड़ गई। जरीफनगर थाना क्षेत्र के दियोहरा शेखपुर गांव में मुकदमे के सिलसिले में दबिश देने पहुंचे चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद SSP अंकिता शर्मा ने सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सादी वर्दी में निजी वाहन से पहुंचे थे पुलिसकर्मी
मामला बस्तोई चौकी क्षेत्र का है। आरोप है कि 7 अगस्त की रात चौकी प्रभारी SI मनीष भारद्वाज अपने चार सिपाहियों सुरजीत सिंह, लोकेश, हरीश और संदीप के साथ एक मुकदमे के सिलसिले में दियोहरा शेखपुर गांव पहुंचे थे।
आरोप है कि पुलिस टीम ने दबिश की जानकारी थाना प्रभारी को नहीं दी और न ही नियमानुसार रवानगी दर्ज कराई। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में निजी वाहन से गांव पहुंचे थे।
वादी के नहीं मिलने पर परिजनों को थाने लाने का आरोप
बताया गया कि पुलिस टीम जब गांव पहुंची तो मुकदमे में वादी उदय प्रकाश घर पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस उसके पिता कृपाल सिंह और अवनेश को थाने ले आई। आरोप है कि थाने में दोनों के साथ अभद्रता की गई।
मामले की शिकायत SSP अंकिता शर्मा तक पहुंचने के बाद उन्होंने CO सहसवान को जांच के निर्देश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया पांचों पुलिसकर्मियों की भूमिका दोषपूर्ण पाई गई।
SSP ने पांच पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
जांच रिपोर्ट के आधार पर SSP अंकिता शर्मा ने रविवार को बस्तोई चौकी प्रभारी SI मनीष भारद्वाज समेत सुरजीत सिंह, लोकेश, हरीश और संदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
SSP ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना पुलिस का अधिकार है, लेकिन कार्रवाई के दौरान किसी आम नागरिक के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस विभाग की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि वर्दी की आड़ में नियमों की अनदेखी और दबंगई स्वीकार नहीं होगी।
