रिपोर्ट – अजय पाल यादव
बदायूं। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के पलिया गूजर में हुए ऑनर किलिंग के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश रिंकी सिंह की अदालत ने सभी आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपियों में मृतका के दो सगे भाई और दो पिता शामिल हैं।
मामला अर्चना नाम की युवती की हत्या से जुड़ा है। अर्चना बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और उसका बरेली निवासी देवेंद्र सिंह से प्रेम प्रसंग था। देवेंद्र की ननिहाल पलिया गूजर में होने के कारण उसका वहां आना-जाना था।
इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। परिवार की नाराजगी के बाद अर्चना देवेंद्र के साथ बरेली चली गई थी, जहां दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था

बताया गया कि प्रेम विवाह के बाद अर्चना के परिजन उससे नाराज थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अर्चना दातागंज कोतवाली में बयान दर्ज कराने जा रही थी।
आरोप है कि थाने से कुछ दूरी पहले आरोपियों ने उसकी गाड़ी रोक ली और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अर्चना गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले की विवेचना शुरू की। पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी माना।

इस मामले में मृतका के दो पिता बताए जाने वाले जुड़वा भाई चंद्रपाल और कुंवरपाल भी आरोपी हैं। दोनों के एक जैसे हुलिए और रहन-सहन के कारण वे पहले भी चर्चा में रहे हैं। बताया जाता है कि दोनों राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।
अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद चारों दोषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
