रिपोर्ट – अंकित पांडेय
हमीरपुर। समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) के प्रांतीय कार्यालय, क्रांति कार्यालय हमीरपुर में आज महर्षि अष्टावक्र जयंती का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रेरणा स्रोत महर्षि अष्टावक्र के जीवन और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि अष्टावक्र जी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यालय में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं ने बारी-बारी से महर्षि के चित्र पर माला पहनाकर उन्हें नमन किया, जैसा कि कार्यक्रम के वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सक्षम के कानपुर प्रांत के अध्यक्ष श्रीमान देवनारायण सोनी उपस्थित रहे।
अष्टावक्र के जीवन से ली प्रेरणा
अपने उद्बोधन में प्रांत अध्यक्ष श्री देव नारायण सोनी जी ने महर्षि अष्टावक्र के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महर्षि अष्टावक्र आठ अंगों से टेढ़े थे, इसी कारण उनका नाम अष्टावक्र पड़ा, लेकिन उनकी शारीरिक अक्षमता उनके ज्ञान के आड़े नहीं आई। उन्होंने अपनी कठोर तपस्या और ज्ञान के बल पर मिथिला के राजा जनक के दरबार में बड़े-बड़े विद्वानों को शास्त्रार्थ में पराजित किया था। उनका लिखा अष्टावक्र गीता आज भी अध्यात्म और जीवन दर्शन का महान ग्रंथ माना जाता है।
श्री दुर्गेश कुमार प्रजापति ने कहा, “अष्टावक्र जी का जीवन हम सभी दिव्यांगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश है। समाज हमें अक्सर दया की दृष्टि से देखता है, लेकिन हमें सहानुभूति नहीं, समानता का अधिकार चाहिए। यदि समाज और सरकार हमें बराबरी का अवसर, शिक्षा और सम्मान दे, तो हम भी इस समाज में बहुत कुछ कर दिखाएंगे और समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।”
उन्होंने कहा कि सक्षम संगठन ‘सशक्त भारत – समर्थ भारत’ के उद्देश्य को लेकर पूरे देश में दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य कर रहा है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष दुर्गेश कुमार प्रजापति, सह सचिव दिलीप राणा, महिला प्रमुख विजयलक्ष्मी पालीवाल जी, एडवोकेट आयाम प्रमुख ऋतुराज सिंह गौतम जी, क्रीड़ा प्रमुख राजकुमार त्रिवेदी, धनंजय जी, अजय राज, सुखराज पाल जी, मोहर सिंह, शिवनाथ साहू जी, अच्छे लाल सहित सक्षम के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में दिव्यांग बंधु उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने दिव्यांग सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
