रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को लखनऊ स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर करने और 5 प्रतिशत अर्हता छूट के आधार पर संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थी जमीन पर लेट गए। कई प्रदर्शनकारियों ने सिर पर ‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपी पहनकर सीटी बजाते हुए नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की और उनके साथ बदसलूकी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन में दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल रहे।
2018 की भर्ती में आरक्षण का लाभ देने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकली थी। उनकी मांग है कि आरक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार 5 प्रतिशत अर्हता छूट का लाभ दिया जाए और इसके आधार पर संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
हाल में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता अंक की छूट के संबंध में संस्तुति की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक आयोग ने परिणाम संशोधित करने की सिफारिश भी की थी।

आठ साल से नियुक्ति का इंतजार
सीतापुर से आए अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि वह करीब आठ साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आयोग की संस्तुतियों का पालन कर पात्र अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग की।
वहीं अयोध्या से आए आदर्श ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार बैठक होने के बावजूद अब तक समाधान नहीं निकला है।
बस्ती से आए अभ्यर्थी उत्कर्ष ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से नौकरी की मांग कर रहे हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने मांग की कि 150 अंकों की परीक्षा में 40 प्रतिशत यानी 60 अंक प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत छूट के प्रावधान का लाभ देते हुए संशोधित चयन सूची जारी की जाए।
