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फिरोजाबाद में युवा नीति संवाद, 800 से अधिक युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास पर रखी राय

फिरोजाबाद। शिकोहाबाद स्थित आराध्या गार्डन में शुक्रवार को होप संस्था (हाउस ऑफ पॉलिटिकल एम्पावरमेंट) की ओर से ‘युवा नीति संवाद-उत्तर प्रदेश (डिकोडिंग द ग्रासरूट्स)’ का आयोजन किया गया। ‘चर्चा, विचार-विमर्श और विकास’ की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में 800 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

संवाद का उद्देश्य युवाओं को नीति, विकास और लोकतांत्रिक चर्चा से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता, तकनीक, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर युवाओं ने अपनी प्राथमिकताओं और चुनौतियों पर चर्चा की।

युवाओं की नीति-निर्माण में भागीदारी पर जोर

कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रवक्ता और होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह, हंसराज कॉलेज दिल्ली के प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा, आदर्श कृष्ण कॉलेज शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह, पालीवाल कॉलेज शिकोहाबाद के प्रवक्ता डॉ. एमपी सिंह, अधिवक्ता राहुल यादव और पर्यावरणविद् दीपक गौरी शामिल हुए।

वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की भूमिका केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक संवाद में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम में अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं ने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों से जुड़े अनुभव साझा किए।

आयोजकों की ओर से कहा गया कि संवाद के दौरान सामने आए सुझावों और युवाओं की प्राथमिकताओं को संबंधित मंचों और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

अभ्युदय योजना का भी हुआ जिक्र

डॉ. प्रभांशु ओझा ने कहा कि युवाओं में रचनात्मकता और बदलाव की क्षमता होती है। उन्होंने राजनीतिक जागरूकता को भी जरूरी बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मार्गदर्शन मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत वर्तमान में 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23 हजार से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।

डॉ. ओझा ने राज्य युवा आयोग की स्थापना को लेकर भी अपनी बात रखी और इसे युवाओं से जुड़े मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

युवाओं की आकांक्षाओं को सरकार तक पहुंचाने की बात

होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं और जमीनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने नीतिगत बहस और संवाद को समाधान की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

उन्होंने कहा कि कृषि चौपाल के बाद अब अगले तीन महीनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं से संवाद कर उनकी बात सामने लाने का अभियान चलाया जाएगा।

युवाओं को लक्ष्य तय करने का संदेश

आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह ने युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने ‘डिजायर एंड देन डिजर्व’ का मंत्र देते हुए कहा कि पहले व्यक्ति को अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट होना चाहिए और फिर उसके अनुरूप लगातार प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाली पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के संघर्ष और सफलता का भी उल्लेख किया।

युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने भी संवाद को लेकर अपनी राय रखी। विशाल यादव ने कहा कि कार्यक्रम ने जमीनी स्तर की समस्याओं और नीतियों के बीच संवाद का अवसर दिया। विनय यादव ने कहा कि उन्हें यह समझने का मौका मिला कि नीतियां किस तरह काम करती हैं और शिक्षा व रोजगार से जुड़ी समस्याओं को मंच पर रखने का अवसर मिला।

यश यादव ने स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मिलने की बात कही। मयंक यादव ने कहा कि युवाओं को अपनी चुनौतियां सीधे रखने का अवसर मिलना जरूरी है।

शीलेंद्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतियों और विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद भी जरूरी है।

आयोजन में इनकी रही भूमिका

कार्यक्रम का संचालन आशुतोष यादव और हिमांशु द्विवेदी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में उत्सव कुमार राय, नयन, आर्यन सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।

उत्तर प्रदेश सरकार के 2026 के बजट दस्तावेज में भी युवाओं को नीति-निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता देने के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम तथा कौशल विकास और अभ्युदय योजना से जुड़ी पहल का उल्लेख किया गया है।

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