लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 (यूपीआईटीएस-26) में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का पवेलियन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मिशन के बैनर तले प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े 60 स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद, तकनीक और नवाचार प्रदर्शित किए हैं। पिछले तीन दिनों में 5000 से अधिक विजिटर्स पवेलियन का दौरा कर चुके हैं।
पवेलियन में आईटी-आईटीईएस, हेल्थटेक, एडटेक, कृषि, डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स ने भाग लिया है। विजिटर्स ने स्टार्टअप्स के उत्पादों और तकनीकी समाधानों की जानकारी ली।
भारत इनोवेट्स के छह स्टार्टअप भी शामिल
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि पवेलियन में भारत इनोवेट्स के लिए चयनित छह स्टार्टअप्स ने भी अपने नवाचार प्रदर्शित किए हैं। इसके अलावा यूपी स्टार्टअप फंड से वित्त पोषित छह स्टार्टअप्स ने भी अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान पेश किए।
ट्रेड शो के दौरान एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के सीईओ संदीप कुमार ने भी स्टार्टअप फाउंडर्स से संवाद किया। उन्होंने उनके उत्पादों और नवाचारों की जानकारी ली और फाउंडर्स को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
सौर ऊर्जा से उड़ान भर रहा ‘तेजस्वान’
ट्रेड शो में रक्षा तकनीक और डीपटेक से जुड़े स्टार्टअप्स भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें आईआईटी कानपुर की डीपटेक स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड का सौर ऊर्जा से संचालित अल्ट्रा लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी ‘तेजस्वान’ खास आकर्षण बना हुआ है।
यह फिक्स्ड विंग विमान सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से संचालित होता है। इसे करीब 12 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम बताया गया है। इसमें जीपीएस स्पूफिंग-रोधी नेविगेशन और मल्टी-बैंड रेडियो आधारित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर हार्डनिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं।
‘तेजस्वान’ की रेंज करीब 150 किलोमीटर बताई गई है, जिसे जरूरत के अनुसार 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इसका टेक-ऑफ वजन 60 किलोग्राम से कम है और यह 5 किलोग्राम तक पेलोड ले जा सकता है। निगरानी, संचार, लक्ष्य निर्धारण, समुद्री निगरानी और खोज एवं बचाव अभियानों में इसके इस्तेमाल की संभावना बताई गई है।
‘काल’ ड्रोन ने भी खींचा ध्यान
रक्षा तकनीक के क्षेत्र में ‘काल’ ड्रोन भी विजिटर्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे वन-वे अटैक ड्रोन प्रणाली बताया गया है, जिसकी क्षमता करीब 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने और 7 से 8 घंटे तक उड़ान में रहने की है।
इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 200 किलोग्राम और 50 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने की क्षमता बताई गई है। इसकी क्रूज गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।
‘निंबसस्कोप’ की भी प्रदर्शनी
बेंगलुरु स्थित न्यूमेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज ने अपने टेथर्ड इलेक्ट्रिक यूएवी ‘निंबसस्कोप’ का प्रदर्शन किया। यह जमीन से जुड़े तार के जरिए बिजली प्राप्त करता है और लगातार करीब आठ घंटे तक हवा में रहकर निगरानी कर सकता है।
कंपनी के मुताबिक, बिना टेदर के यह करीब 45 मिनट तक 10 किलोमीटर की रेंज में उड़ान भर सकता है। इसमें 256-बिट एईएस एन्क्रिप्शन, हाई-बैंडविड्थ वीडियो डाउनलिंक और सुरक्षित आरएफ लिंक जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसे सर्विलांस, टोह लेने और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी बताया गया है।
नैनो और माइक्रो ड्रोन भी प्रदर्शित
ट्रेड शो में आईडीआर के स्वदेशी नैनो और माइक्रो ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए। इनमें ‘अभ्यास एमके-1’ माइक्रो एफपीवी ड्रोन शामिल है, जिसकी करीब 40 मिनट की उड़ान क्षमता बताई गई है। इसे ऑपरेटरों के प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है।
वहीं, आईडीआर का टैक्टिकल नैनो ड्रोन सैनिकों से आगे बढ़कर वास्तविक समय में खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है। स्टार्टअप पवेलियन में प्रदर्शित इन तकनीकों ने ट्रेड शो में आने वाले विजिटर्स का ध्यान आकर्षित किया है।
